भागलपुर: 17 मई 2026 को बिहार में एक नया वैश्विक त्योहार धूमधाम से मनाया जाएगा। इंटरनेशनल आर्ट ऑफ गिविंग डे के तहत राज्य के सभी 38 जिलों के 100 से अधिक स्थानों पर हजारों लोग जुड़कर दान, सेवा और साझा करने की भावना को जीवंत करेंगे। यह आयोजन 17 मई से 24 मई के बीच चलेगा और इस दौरान विभिन्न सेवा कार्यक्रमों, भोजन–वितरण, शिक्षा सहयोग और सामाजिक कार्यों के जरिए समाज में एकता और मानवता को बढ़ावा मिलेगा।
बिहार स्टेट आर्ट ऑफ गिविंग के अध्यक्ष नील कमल राय ने बताया कि 17 मई ‘आर्ट ऑफ गिविंग’ का स्थापना दिवस है, जिसे दुनिया भर में लाखों लोग खुशी, एकता और मानवता के साथ मनाते हैं। आंदोलन के संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत के जीवन दर्शन से प्रेरित यह आयोजन इस बार थीम “शेयर टू शाइन” (Share to Shine) के साथ होगा। इसका मुख्य संदेश यह है कि जब हम अपना समय, ज्ञान, संसाधन और प्रेम दूसरों के साथ साझा करते हैं, तो हम नहीं घटते, बल्कि भीतर से और अधिक समृद्ध और उज्ज्वल बनते हैं। यह भावना दीपक से दीपक जलाने वाली कहानी की तरह है—एक दीपक दूसरे को जलाकर दुनिया को और रोशन करता है।
बिहार में इस वर्ष की तैयारियां पहले से ही तेज हैं। हर जिले में विद्यालय, कॉलेज, गांव, बस्ती और सामुदायिक स्थलों पर स्थानीय संगठन, युवा और स्वयंसेवक टीमें लोगों को जोड़कर भोजन वितरण, वस्त्र–सेवा, शिक्षा सहायता और रक्तदान जैसे कार्यों का आयोजन करेंगी। नील कमल राय ने कहा कि यह दिन दान और सेवा की कला (Art of Giving) को न केवल एक कार्यक्रम के रूप में दिखाता है, बल्कि इसे जीवन की दिशा बनाने का संदेश भी देता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अधिक‑से‑अधिक संख्या में इस आयोजन में शामिल हों और अपने संसाधनों का उपयोग समाज के हित में करें।








