सुपौल: जिले के राघोपुर प्रखंड अंतर्गत करजाईन थाना क्षेत्र के सीतापुर गांव में बुधवार देर रात एक छापेमारी के दौरान विवाद खूनी हो गया। शराब तस्करी के एक फरार अभियुक्त की गिरफ्तारी के बाद उसके समर्थकों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया, जिसमें करजाईन थानाध्यक्ष मनीष कुमार सहित पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार, करजाईन थाने की पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि शराब तस्करी के मामले में फरार चल रहे अप्राथमिकी अभियुक्त सरोज कुमार मेहता गांव में छुपे हुए हैं। इसी सूचना पर थानाध्यक्ष मनीष कुमार के नेतृत्व में रात को पुलिस टीम सीतापुर पहुंची और इस संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद जब टीम आरोपी को लेकर वापस लौटने की तैयारी में थी, तभी शराब धंधे से जुड़े लोगों ने एकजुट होकर पुलिस पर हमला कर दिया। इस हमले में पुलिसकर्मियों को लाठी–डंडे और अन्य भारी हथियारों से वार किया गया, जिससे सभी पांच जवान चोटिल बन गए।
घायल थानाध्यक्ष व अन्य जवानों को तुरंत राघोपुर स्थित रेफरल अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉ. निखिल आनंद ने सभी का प्राथमिक उपचार किया। चिकित्सकों का कहना है कि सभी देर रात अस्पताल लाए गए और स्थिति को देखते हुए एक्स‑रे और अन्य जांचें लिखी गई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को आगे की निगरानी के लिए भर्ती कर लिया गया है, ताकि कोई जानलेवा जटिलता न पैदा हो।
घटना के संबंध में डीएसपी बीरपुर सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि आरोपी सरोज कुमार मेहता को गिरफ्तार कर लिया गया है और घटनास्थल से बरामद गोली का खोखा पुलिस की तरफ से नहीं चलाया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच चल रही है और हमले में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी पक्ष का दावा है कि देर रात बिना वारंट और बड़ी संख्या में पुलिसबल उनके घर पर धावा बोल गया, जहां पुरुष और महिलाओं के साथ मारपीट की गई और इस दौरान एक गोली भी चलाई गई। हालांकि गोली किसी भी व्यक्ति को नहीं लगी। ग्रामीणों का दावा है कि मौके से गोली का खोखा बरामद हुआ है और वे पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। प्रशासन ने मामले पर गहन निगरानी शुरू कर दी है और दोनों पक्षों के बयान लेकर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।








