बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के एमएलसी सुनील कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री के इस्तीफा पत्र को लेकर बड़ा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक पोस्ट के जरिए इस्तीफा पत्र पर किए गए हस्ताक्षर की सत्यता की जांच की मांग की है।
मंगलवार को किए गए इस पोस्ट में सुनील सिंह ने सीधे तौर पर किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा साफ तौर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर माना जा रहा है। उन्होंने लिखा कि “छोटे पद का भी इस्तीफा अधिकृत व्यक्ति के सामने दिया जाता है, ऐसे में यह जांच होनी चाहिए कि इस्तीफा पत्र पर किए गए हस्ताक्षर असली हैं या नकली।”
दरअसल, यह पूरा मामला उस वक्त चर्चा में आया जब विधान परिषद में इस्तीफा पत्र जेडीयू के एमएलसी संजय गांधी के माध्यम से पहुंचाया गया। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने अपना इस्तीफा पत्र उनके हाथों भिजवाया था, जिसे बाद में स्वीकार भी कर लिया गया। इसी प्रक्रिया को लेकर आरजेडी अब सवाल उठा रही है।
राजनीतिक गलियारों में इस बयान को सीधे तौर पर जेडीयू और मुख्यमंत्री पर निशाना माना जा रहा है। आरजेडी का आरोप है कि इतनी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और सभी नियमों का पालन किया जाना जरूरी है। वहीं जेडीयू की ओर से अब तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान आने वाले दिनों में बिहार की सियासत को और गरमा सकते हैं। विपक्ष इस मुद्दे को बड़ा बनाने की कोशिश में जुटा है, जबकि सत्तापक्ष इसे राजनीतिक बयानबाजी करार दे सकता है।
फिलहाल, इस पूरे विवाद ने एक नया सियासी मोड़ ले लिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन या संबंधित प्राधिकरण इस मामले में किसी तरह की जांच शुरू करते हैं या नहीं







